सकारात्मक सोच की शक्ति ,Power Of Positive Thinking,Part-2

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सकारात्मक सोच की शक्ति 

प्रसिद्ध मनोचिकित्स्क इब्राहीम मुकदम का कहना है कि अच्छी सोच रखने वाले लोग जो स्वयं ,अपने साथियों और भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं | अधिक लक्ष्यपूर्ण रहते और उनका लक्ष्य ऊंची उड़ान का भी होता है ,उसके सकारात्मक आभास उसके लक्ष्यों के आगे बढ़ने का कारण बनते हैं | 

Sakaaraatmak Soch Ki Shakti In Hindi
Positive Thinking 
किन्तु बुरी सोच रखने वाला व्यक्ति जो स्वयं और अपने आसपास की दुनिया के बारे में गलत सोच रखता है ,केवल कमजोर बिन्दु को ही देखता है और अपनी शक्ति के बिन्दु की ओर से निश्चेत रहता है ,सामान्य रूप से उसके लक्ष्य कमजोर होते हैं और इसीलिए वह अपने कार्य में सफल नहीं हो पाता |

सकारात्मक सोच की शक्ति 

इस मनोचिकित्स्क का कहना है कि कामों में लगातार विफलता और विफलता का आभास उसे अवसाद में ग्रस्त कर देती है और अवसाद के कारण ही मनुष्य में अधिक से अधिक नकारात्मक सोच जन्म लेने लगती हैं और लक्ष्य में कमी हो जाती है | दूसरे शब्दों में व्यक्ति एक नकारात्मक चक्रव्यूह में फंस जाएगा जिसमें उसकी प्रगति की सारी आशाएं धीरे -धीरे धूमिल हो जाती हैं | 

बहुत से लोग अतीत को लेकर खेद में ग्रस्त और भविष्य को लेकर चिंतित हैं और इस प्रकार की काल्पनिक भ्रांतियां इंसान को इतने भय और परेशानियों में ग्रस्त कर देती हैं कि निकट है कि वह इस काल्पनिक नरक में जल जाए या कभी भविष्य के अनजान सुन्दर बागों के ख्याली पुलाव पकाए कि जिसका स्वाद उसके भाग्य में नहीं है | इस प्रकार की विचारधारा आरंभ में सकारात्मक सोच लगती है किन्तु वास्तविकता से परे है और संभव है कि असफल होने की स्थिति में मानसिक रोग में ग्रस्त हो जाता है | 

प्रत्येक दशा में मानसिक दृष्टि से सकारात्मक सोच का परिणाम ,सुरक्षा,शांति ,सफलता ,संबंधों के बेहतर होने और शारीरिक सुरक्षा के रूप में निकलता है | सकारात्मक सोच पर भरोसा करते हुए दिनचर्या के कामों को सरलता से निपटाया जा सकता है और नया व स्पष्ट जीवन आपकी प्रतीक्षा में होगा और आपके सामने खुशियों का ठाठे मारता समुद्र होगा | 

सकारात्मक सोच की शक्ति 

1 ) प्रोटोन की तरह सकारात्मक बने प्रोटोन  कभी अपनी सकारात्मकता ( घनात्मकता ) नहीं खो सकता है और वैसे ही आप भी कभी नहीं | ये बस तनाव से ढक सकता है और तनाव आपकी ऊर्जा खींच लेता है | सकारात्मक रहकर आप कठिन से कठिन चुनौतियों को पार कर जाते है और साथ ही अधिक सकारात्मकता और संभावनाओं को अपनी ओर आकर्षित करते है | 
2)किसी भीकाम को करने का सबसे अच्छा तरीका है उसके लिए अधिक से अधिक जोशीला होना | जब आप पूरे जोश के साथ प्रयास करते हैं तब जीवन में श्रेष्ठता को स्वतः उपलब्ध होते हैं | 
3 ) भावनाओं को सावधानी के साथ संभालें जिंदगी जब आपको रोलर कोस्टर की सैर कराये तो उसका पूरा आनंद लेना न भूलें | अपनी भावनाओं को परिस्थितियों पर राज करने न दें बल्कि उनको काबू में रखें | ये आपको चुनौतियों के समय शांत व एकाग्रह रखेगा | 
4 ) स्वयं पर और औरों पर करुणा करें अधिक करुणामय हों | अगली बार जब आप या कोई और गलती करें तो मन में कोई गांठ न बांधें ,जाने दें | इस बात को समझे कि हम सभी विकसित हो रहे हैं और कोई भी पूर्ण नहीं है | ये नजरिया स्वयं को और औरों को स्वीकारने में मदद करता है | 
5 ) जब हम किसी के गुणों की प्रसंशा पूर्णतः के भाव से करते हैं ,तो हमारी चेतना का विस्तार होता है ,जो हमारे भीतर उत्साह और ऊर्जा का संचार करता है | वे गुण हमारे भीतर भी विकसित होने लगते है और हम बेहतर मानव बनते हैं | 

Sakaaraatrmk Soch Ki Shakti In Hindi
Positive Thinking 

6 )
हम लोगों से संवाद मुख्यतया या तो अपनी उपस्थिति से या फिर अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति से करते हैं | अपने संवाद में स्पष्टता लाते ही आप देखेंगें की लोग बेहतर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और अधिकतर जो आपके लिए लाभकारी भी है | 
7 ) यदि आप मुसीबत के समय उसको चुनौती देने के लिए उठ खड़े होते हैं तो आपको मुसीबत के पार जाने की संभावना अधिक होती है | किसी दबाव के आगे झुके नहीं बल्कि पूरे विश्वास से उसका सामना करें | इसमें या तो आप विजयी होंगे या फिर जीवन के लिए कुछ अमूल्य सीखेंगें | 
8 ) जीवन में विजेता होने के लिए धीरज एक गुप्त घटक है | भड़भड़ाहट और अधीरता से की प्रतिक्रिया फायदे से ज्यादा हानि पहुंचती है | ध्यान रहे ,हमें शांति और धीरज रखनी चाहिए ,जिससे हम तनाव रहित होकर समझदारी से भरे त्वरित निर्णय ले सकेंगें | 

9 ) अंतिम,पर सबसे महत्वपूर्ण ,सही साँस लेना सीखें | अक्सर इस बात को अनदेखा कर देते है कि सही साँस लेने से आप एक तनाव रहित और सकारात्मक जीवन पा सकते हैं | सुदर्शन क्रिया सीखे और साँस की छुपी शक्ति का उपयोग करें | साँस की इस प्रभावी तकनीक से आप शारीरिक ,मानसिक और भावनात्मक तनावों से मुक्त होते हैं | 

जब आप सुदर्शन क्रिया सीखकर सही साँस लेते है तब आप अपने आपसी संबंधों के सुधार का तरीका पा जाते हैं और अपने व्यक्तित्व के आकर्षक पहलू को और निखारते हैं | 








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