सकारात्मक सोच की शक्ति, The Power Of Positive Thinking
सकारात्मक सोच की शक्ति
हम मनुष्यों में ऐसी सोच पायी जाती है जो कभी सकारात्मक होती हैं और कभी नकारात्मक होती है | इस आधार पर हमें यह सीखना होगा कि हम अपनी सोच को बुध्दिमानी से नियंत्रित करें ताकि सफल जीवन व्यतीत करें और बड़ी - बड़ी सफलताएं अर्जित करें |
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| Positive Thinking |
सकारात्मक सोच की शक्ति
मनुष्य का मन व बुद्धि विचारों के उत्पादन का कारखाना होता है कि अज्ञात अंतरात्मा नामक स्रोत से पैदा होता है | विचारों का यह कारखाना ,मनुष्य के भविष्य निर्धारण पर हावी हो जाता है और उसे कल्याण और बुराई की ओर दिशानिर्देश करते हैं | वास्तव में सकारात्मक मनुष्य की सोच की विविधता और गुणवत्ता ,उसकी जीवन शैली और जीवन की गुणवत्ता पर निर्भर होता है | सुन्दर और सकारात्मक विचार ,मनुष्य के जीवन को स्वर्ग और शांत बना देते हैं और इसी प्रकार नकारात्मक सोच और निराशा उसके जीवन को नर्क बना देते हैं | मनुष्य वैसा ही बन जाता है जैसा वह सोचते है |
सकारात्मक और सार्थक सोच ऊर्जावर्धक होते हैं कि जो अभ्यास ,बार - बार दोहराए जाने और सीखने से मन में पैदा होते हैं और मनुष्य के जीवन को दिशा निर्देशित करने का कारण बनते हैं | वास्तव में सकारात्मक सोच को मन की उपजी भ्रांतियों के समक्ष घुटने न टेकने के लिए सकारात्मक बुद्धि और जीवन की समस्त उत्साह वर्धक व आशाजनक क्षमताओं से लाभ उठाने का नाम दिया जा सकता हैं | नकारात्मक और विध्वंशक सोच जब मन में पैदा हो जाती है और मन में फैलने लगती है तो बहुत तेज़ी से पूरे मन को अपने कब्जे में ले लेती है और इस स्थिति में हम पूरी तरह से नकारात्मक सोच के चुंगल में फंस जाते हैं |
मनोवैज्ञानिकों की दृष्टि में सकारात्मक सोच वह है जो वास्तविकताओं और दूसरों के व्यवहारों से गलत सोच को मन में आने नहीं देती और नकारात्मक सोच और खाली ताने बाने को स्वयं से दूर करती है | इस प्रकार का व्यक्ति समस्याओं को स्वयं से संबंधित नहीं समझता और समाज से कट कर रहने से बचता है | और भविष्य के प्रति आशान्वित होता है और जीवन से राजी रहता हैं |
सकारात्मक सोच की शक्ति
सकारात्मक सोच का महत्व उस समय पता चलता है जब हमें यह पता चले कि जीवन में आशा और उत्साह अच्छी सोच की छत्रछाया में प्राप्त होता है | इस्लाम धर्म के महापुरुषों के हवाले से इस संबंध में कई कथन बयान किए गए हैं और धर्मशास्त्रियों व धर्मगुरुओं ने भी इस संबंध में बहुत सी बातें बयान की हैं | हजरत अली अलैहिस्सलाम कहते हैं कि किसी के बारे में अच्छा सोचना ,मनुष्य के बेहतरीन गुणों में से है और ईश्वर का सबसे बेहतरीन उपहार हैं |
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| Positive Thinking |
वह समाज जिसके सदस्य व्यक्तिगत व सामूहिक घटनाओं और मामलों को सकारात्मक दृष्टि से देखते हैं वह अधिक शांत और सुरक्षित रहते हैं और इस प्रकार के समाज के व्यक्ति फैसला करने की शक्ति और आत्मविश्वास से संपन्न होते हैं और समस्याओं को बेहतर जीवन की ओर जाने का पुल समझते हैं | वह कभी भी इस बात की अनुमति नहीं देते कि आत्मिक व मनोवैज्ञानिक दृष्टि से उनके जीवन का उतार चढ़ाव उनके अस्तित्व को दुखी करे और मामलों का नकारात्मक चित्रण उनकी शांति को भांग कर दे और मिट्टी में मिला दें |
सकारात्मक सोच हमको ऊर्जा प्रदान करती है और हुमारी गुप्त क्षमताओं को उजागर करती हैं | यह विचारधारा अवसरों के संबंध में चेतना में वृद्धि करती हैं | अच्छी सोच हमारे जीवन के अंधकारमय आयामों को प्रकाशमय करती है और हमारे अस्तित्व में गुप्त आयामों को स्पष्ट करती हैं | अच्छी सोच रखने वाला व्यक्ति घटनाओं की आशाजनक व्याख्या करता है और उसकी इच्छाओं का पता लगाता है और रचनात्मक समाधान के मार्ग को पा लेता है जिसे गलत सोच रखने वाला समझ भी नहीं पाता |
सकारात्मक सोच जीवन में आशा और उत्साह में वृद्धि का कारण बनती है ,ऐसी आशा जिसके बिना जीवन लगभग असंभव हो जाता है | प्राचीन काल के बुद्धिजीवियों का मानना था कि मनुष्य जैसे ही मनुष्य पानी में डुबकी लगाए ,ठीक उसी क्षण उससे आशा छीन ली जाए जो उसमें सिर बाहर निकलने की कोई भी चाह नहीं होगी ,इस विचारधारा कि समकालीन मनोवैज्ञानिक भी समर्थक है ,जीवन में इसके महत्व को दर्शाने की सबसे स्पष्ट उदाहरण है | यह वह शैली है जो मनुष्य में आशा की जोत जलाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और यह वही है विश्व और विश्ववासियों के प्रति सकारात्मक सोच |
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